जानें क़ुतुब मीनार के रहस्य से जुड़े ज्ञानवर्दक रोचक तथ्य
जानें क़ुतुब मीनार के रहस्य से जुड़े ज्ञानवर्दक रोचक तथ्य / Amazing Facts About Qutub Minar in Hindi
क़ुतुब मीनार जिसका नाम जहँन में आते ही हमारा दिल और दिमाग हमें दिल्ली की और ले चलता है.दिल्ली की शान में चार चाँद लगा देने वाली यह मीनार 20 मीटर ऊंची दुनिया की सबसे बड़ी ईटों की मीनार है और मोहाली की फ़तेह बुर्ज के बाद भारत की दूसरी सबसे बड़ी मीनार है.जी हां दोस्तों, आज का हमारा लेख इसी मीनार (Qutub Minar Facts) से जुड़ा है. आप हम आपको कुतुबमीनार से जुड़े वे सभी अनसुलझे रोचक तथ्य बताने जा रहे है जिन्हे आपने आज से पहले शायद ही कही पढ़ा होगा. तो चलिए जानते है
क़ुतुब मीनार के रहस्य से जुड़े ज्ञानवर्दक रोचक तथ्य - Qutub Minar Facts
1. कुतुबमीनार का निर्माण संन 1199 में शुरू होकर 1398 में इसे पूरा किया गया था. उदाहरण के तौर पर बता दें कुतुबुद्दीन ऐबक ने 1199 में कुतुब मीनार का निर्माण शुरू करवाया था और उसके दामाद एवं उत्तराधिकारी शमशुद्दीन इल्तुतमिश ने 1368 में इसे पूरा कराया.
2. क्या आप जानते हैं यह मीनार लाल पत्थर और मार्बल से बनी हुई है, कुतुब मीनार 72.5 मीटर ऊँची है जिसका व्यास 14.32 मीटर तल से और 2.75 मीटर चोटी से है. मीनार के अंदर गोल सीढ़ियाँ बनाई गयी है, तल से लेकर ऊँचाई तक कुल 379 सीढ़ियाँ है.
3. क्या आप जानते है यह मीनार सीधी कड़ी न होकर बल्कि थोड़ी सी झुकी हुई है. इस मीनार के झुकने का कारण इस मीनार पर बार बार कि जानें वाली मरमत है.
4. कुतुब मीनार के आस-पास के एरिया को कुतुब कॉम्पलेक्स के नाम से जाना जाता है, और यह पूरा एरिया वर्ल्ड हेरिटेज साइट के अंतर्गत आता है.
5. आपको जानकर हैरानी होगी 1369 में इस मीनार की सबसे ऊँची मंजिल पर आसमानी बिजली गिरने के कारण इसकी ऊपरी मंजिल टूट गयी थी. इसी कारण फिरोज शाह तुग़लक़ ने फिर से कुतुब मीनार के पुर्ननिर्माण का काम शुरू किया और इसे पूरा किया.
6. मीनार में कई अरबी और नागरी लिपि में शिलालेख हैं, जो इसके इतिहास को बयान करते हैं.
7. ऐसा माना जाता है कि कुतुब मीनार का आर्किटेक्चर तुर्की के आने से पहले भारत में ही बनाया गया था.
8. क़ुतुब मीनार के परिसर में ही एक लोहे का ख़भा है, जिसमें अब तक 2000 सालों बाद भी जंग नहीं लगा है.
9. इस इमारत का नाम ख्वाजा क़ुतबुद्दीन बख्तियार काकी के नाम पर रखा गया था. ऐसा माना जाता है कि कुतुब मीनार का प्रयोग उसके पास बनी मस्जिद की मीनार के रुप में होता था और यहां से अजान दी जाती थी.
8. क़ुतुब मीनार के परिसर में ही एक लोहे का ख़भा है, जिसमें अब तक 2000 सालों बाद भी जंग नहीं लगा है.
9. इस इमारत का नाम ख्वाजा क़ुतबुद्दीन बख्तियार काकी के नाम पर रखा गया था. ऐसा माना जाता है कि कुतुब मीनार का प्रयोग उसके पास बनी मस्जिद की मीनार के रुप में होता था और यहां से अजान दी जाती थी.
10. अगर आप कुतुब मीनार के आखिरी मंजिल तक जाना चाहते है तो यह मुमकिन नहीं है. क्युकी कुतुब मीनार कि छठी मंजिल से ऊपर जाना अनिवार्य नहीं है.


Comments
Post a Comment