अतुलनीय कुतुब मीनार

अतुलनीय कुतुब मीनार

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लाल बलुआ पत्थर और संगमरमर से बने, कुतुब मीनार इतना जटिल बनाया गया है कि हर मंजिल एक अद्वितीय पैटर्न है

कुतुब मीनार भारत की सबसे ऊंची मीनार है। जिसकी ऊँचाई 72.5 मीटर है। यह स्मारक दिल्ली शहर को एक महत्वपूर्ण पहचान प्रदान करती है यहाँ तक कि दिल्ली मेट्रो के कार्ड पर भी इसका फोटो छपा हुआ है। कुतुब मीनार, लाल बलुआ पत्थर और संगमरमर से बना हुआ है । 1192 में कुतुबुद्दीन ऐबक द्वारा शुरू किये गये इस मीनार के निर्माण कार्य को इल्तुतमिश ने पूरा करवाया था।

इस पाँच मंजिला मीनार में 379 सीढ़ियाँ हैं, लेकिन वहाँ हुई कई दुर्घटनाओं की वजह से इसमें प्रवेश रोक दिया गया है। कुतुब मीनार की डिजाइन इतनी पेचीदा है कि प्रत्येक मंजिल का एक अनूठा स्वरूप दिखाई देता है। मीनार की पहली मंजिल या आधार को एरान्तर कोण युक्त डिजाइल के साथ गोल आकृति में लगे धारीदार बलुआ पत्थरों से बनाया गया है, दूसरी मंजिल में धारियाँ बनी हुई हैं, जबकि तीसरी मंजिल केवल कोणीय धारियाँ बनीं हुईं है। शीर्ष दो मंजिल लाल बलुआ पत्थर और संगमरमर से बनी हैं। कुतुब मीनार की दीवारों पर कुरान के छंदों (आयतों) को तराश कर लिखा गया है। हरे भरे बगीचे मीनार को चारों ओर से घेरे हुए हैं।

कुतुब मीनार के परिसर में कुव्वत-उल-इस्लाम नामक एक मस्जिद है। यह भारत में बनी पहली मस्जिद है। इस मस्जिद के आँगन में स्थित सात मीटर ऊँचे लौह स्तम्भ को देखना कोई भी भूल नहीं सकता है। ऐसी मान्यता है कि यदि कोई इस स्तंभ की दोबारा परिक्रमा करने में सफल हो पाता है तो उसकी सभी मनोकामनाएं पूरी हो जायेंगी।

पता: मेहरौली, नई दिल्ली, डीएल 110030

प्रवेश शुल्क:

भारतीय : 10 रूपये प्रति व्यक्ति

विदेशी पर्यटक : 250 रूपये प्रति व्यक्ति

समय: सूर्योदय से सूर्यास्त तक

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